NOTA की पूरी जानकारी

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तो आ गए आप, कैसे हो?

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दोस्तो कभी कभी ऐसा होता है हमको समझ नही आता कि कौन सी Party अच्छी है या कौन सी बुरी को सही है ओर कौन बस बस पागल बनाने आया है।😄 ऐसे में ये हो सकता है इलाज देदो उनको NOTA से जवाब😁 देखो भैया मतदान की लंबी कतारों में खड़े होकर अगर आप ये तय नहीं कर पा रहे कि इनमें से कोई भी उम्मीदवार आपकी नजर में सही है या नहीं, तो ये बेशक जनता के भीतर छिपे आक्रोश और निराशा का ही प्रतीक है। जब हम है इनसे गुस्सा तो धर देंगे NOTA का मुक्का।

कब हुई NOTA की शुरुवात:-
2009 में चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से NOTA का विकल्प उपलब्ध कराने संबंधी अपनी मंशा रखी। 2013 में सुप्रीम कोर्ट के दिये गए एक आदेश के बाद चुनावों में नोटा का प्रयोग शुरू हुआ। भारत सरकार बनाम पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज़ मामले में शीर्ष न्यायालय ने आदेश दिया कि जनता को मतदान के लिये नोटा का भी विकल्प उपलब्ध कराया जाए। नोटा के तहत ईवीएम मशीन में नोटा का गुलाबी बटन होता है। अब अगर गुलाबी आपका Favourite Color हो तो शौक शौक में मत दबा आना।😂

कब दबाना चाहिए NOTA:-
NOTA का सीधा सीधा मतलब ये है कि आप किसी भी उम्मीदवार को सत्ता में नही देखना चाहते यानी अगर मतदाता को सभी दल का उम्मीदवार ग़लत लगते हैं तो वो नोटा का बटन दबाकर जनता अपना विरोध दर्ज करा सकती है। नोटा का मतलब NONE OF THE ABOVE होता है।इस आदेश के बाद भारत नोटा का विकल्प उपलब्ध कराने वाला विश्व का 14वां देश बन गया। हालांकि बाद में चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि नोटा के मत गिने तो जाएंगे पर इसे रद्द मतों की श्रेणी में रखा जाएगा। इस तरह से साफ ही था कि नोटा का चुनाव के नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ेगा मगर ये आपका विरोध दर्ज कराने का एक तरीका हो सकता है।

कितना रहता है NOTA का प्रतिशत:-
नोटा के वोट अक्सर मतदान का प्रतिशत 2-3 ही होते है। इसकी असल वजह मतदाताओं में जागरूकता की कमी है। नोटा के अंतर्गत मतदान का प्रतिशत उन जगहों में ज्यादा देखने को मिला है, जो इलाके नक्सलवाद से प्रभावित हैं या फिर आरक्षित चुनाव क्षेत्र हैं। कहने का मतलब ये है कि चुनाव क्षेत्रों को आरक्षित करने के सन्दर्भ में अभी भी सामाजिक सहभागिता की कमी है और नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में राजनैतिक दलों को लेकर अभी भी उतनी दिलचस्पी नहीं पैदा हुई है। आपको बता दें कि भारत, ग्रीस, युक्रेन, स्पेन, कोलंबिया और रूस समेत कई देशों में नोटा का विकल्प लागू है ओर कही तक सही भी है, गलत छूने से बेहतर है कि आप अपना विरोध दर्ज करवाये।

तो भैया चाहे ले जाओ लोटा
ओर दबाव NOTA
वोट ज़रूर देना है
वरना मिलेगा जमालघोटा।😂😂
बोलो जय माता दी।

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