चंद्रयान II है भारत के लिए इसलिए खास।

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तो आ गए आप, कैसे है आप?

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दोस्तों स्वागत है आपका, आपके अपने टेक्निकल दोस्त के पेज पर। भाईयो अपने वो गाना तो सुना होगा ” चाँद के पार चलो…… चाँद के पार चलो। ” हाँ भई यह वही गाना है जिसमे लड़का कतई फैसला कर लेता है की अब तो चाहे जो हो जाये उससे ना रहना इस पृथ्वी पर , वो तो अब जा के रहेगा किसी और ग्रह की तलाश में। यहां तो हो लिए उसे दिन पुरे , पर इतनी तकलीफो और परेशानियों के बाद भी वो अपनी प्रेमिका को ना भुला। उससे भी बोलता है , चलो बेबी चाँद के पार चलो। 😜.. चाँद के पार चलो।🤣 अब उसने तो मज़ाक मज़ाक में यह सब बोल दिया था , कौनसा वो जा ही रहा था। पर ISRO वालो ने सोचा की इसकी ज़रा – सी नन्ही – सी मुन्नी – सी ख्वाहिश हम ही पूरी कार देते है। और इसी बात को मद्दे नज़र रखते हुए चंद्रयान II बनाया गया। हमने भी सोच लिया था की इस बार हम वहाँ डोल के आएंगे जहाँ पहले कोई ना गया हो , अब कुछ अलग करने का तो अपना ही मज़ा होता है। तो ISRO ने भी सोचा की चलो आज कुछ तूफानी करते है , और इसी जोश – जोश में चंद्रयान II  बना दिया। जो सिर्फ चाँद में ही  बल्कि पूरी दुनिया में भारत की जीत का परचम लहराएगा। अब आप सोच रहे होंगे की भारत तो पहले से ही चाँद पर पहुंच चूका है और ना की सिर्फ भारत बल्कि ना जाने कितने की देश चाँद पर जा चुके है तो इस बार क्या नया है? या फिर यू बोले की चंद्रयान II क्यों ख़ास है? तो भाइयो इस सवाल का जबाब मैं दिए देता हूँ आपको। ज़रा गौर से पढ़ना।

चंद्रयान II  के बारे में जानने से पहले चाँद के बारे में जान लेना थोड़ा जरुरी है। दोस्तों चाँद के दो pole है South Pole और North Pole जैसे इंसान के दो चेहरे होते है वैसे ही चाँद के भी दो चेहरे है। ये लो यह भी निकला दोमुँहा। आज तक जितने भी मिशन हुए है चाँद को ले कर वो North Pole पर हुए है जहा सूरज की रौशनी पड़ती है पर चाँद का एक ऐसा हिस्सा भी है जो हज़ारो सालो से अँधेरे में क़ैद है जिसे South Pole कहते है। वैज्ञानिको का मानना है की अगर हम दूसरे साइड पहुंच जाते है तो उम्मीद है की वहाँ पृथ्वी जैसा पानी और Minerals मिलेगा और जैसे धरती की शुरआत हुई थी वैसे ही उसकी शुरुआत हुई है और इससे हम पृथ्वी को और अच्छे से जान सकते है। सोवियत संघ, चीन और अमेरिका के बाद भारत चौथा ऐसा देश होगा जो Lander “Vikram  के जरिये  चाँद पर soft Landing achieve करेगा। और पूरी दुनिया में ऐसा पहला देश  होगा जो साउथ पोल को Explore करेगा। भारत का यह Mission Mars के बाद दूसरा सबसे बड़ा और क़ामयाब मिशन होगा। इस मिशन में भारतीय वैज्ञानिक ने देशी lander और rover का इस्तेमाल किया है यह भारत का robotic space exploration की तरफ पहला कदम है और एक सबसे अनोखी बात जो इस मिशन को सबसे ख़ास बनती है वो यह की इस की जिम्मेदारी दो भारतीय महिला Scientists  Muthayya Vanitha and Ritu Karidha ने ली है। इन दोनों ने एक बार फिर साबित किया है की औरते जहाँ चाहे वहाँ पहुंच सकती है चाहे वो चाँद की क्यों न हो। शुक्रवार रात को चंद्रयान चाँद पर पहुंचेगा और भारत की इस सफलता को प्रधान मंत्री सहित पूरा देश देखेगा। चंद्रयान II वहाँ एक lunar दिन जो की पृथ्वी के 14 दिन के बराबर होता है , तक रहेगा। यह Lunar Missions में भारत की एक बहुत बड़ी ऐतिहासिक जीत होगी। जिसकी बधाई आपको मैं advance में दे देता हु।

दोस्तों यह सिर्फ एक मिशन ही नहीं तमाचा है उन लोगो के मुँह पर जो भारत को किसी से भी कम समझते है। क्योकि हम लोग कहने में नहीं करने में यक़ीन करते है। और अगली बार जब अपनी girlfriend को यह बोलना हो की चाँद के पार चले तो ज़रा पहले clear कर देना south या north कही वहाँ जा कर आपके लाते और गुस्से बजाये की गधे की यह इस अँधेरे में ले आया। क्योकि अब चाँद हमारे लिए बस एक टुकड़ा नहीं रह गया है।

तो बोलो जय माता दी।

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