कलयुग में हुई सलाखों के पीछे बंद हुई Rape पिड़िता

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तो आ गए आप , कैसे हो ?

दोस्तों इसे कहते है घोर कलयुग जहाँ Rape करने वाले के साथ – साथ Rape Victim को भी सलाखों के पीछे डाल दिया जाता है। ये कैसा देश है और कैसा इसका इन्साफ ? आज एक बेटी की हालत देख कर लगता है सच में कानून अँधा है , इन्साफ़ बहरा और जनता गूंगी। दोस्तों जैसे की मैं आपको पहले ही बता चुका हूँ की बीजेपी के एक दिग्गज नेता स्वामी चिन्मयानंद  को कुछ दिनों पहले एक कानून की पढ़ाई कर रही विद्यार्थी की शिकायत पर सलाखों के पीछे डाला दिया था। पर ये भारत है यारो यहाँ इंसाफ इतनी आसानी से नहीं मिलता। भगवान फिर भी एक बार ढूढ़ने से मिल जाये पर न्याय तो इतना मंहगा है की इसकी कीमत या तो पीड़ित को जान देकर चुकानी पड़ती है , या बड़े – बड़े अधिकारियो और जजों का मुँह नोटों से भरने के बाद। पर इस बिकाऊ दुनिया में एक ग़रीब लाचार इंसान जाये तो जाये कहाँ ? जो पहले ही अपनी सबसे कीमती चीज़ यानी इज़्ज़त को इन दरिंदो के हाथों से खो चूकि है। अब तो लगता है की न्याय मांगना और उसकी उम्मीद करनी इस देश में तो कम से कम बेकार है। क्योंकि यहाँ दिखने के लिए लड़कियों को देवी समझा जाता है और असलियत में माल या इस्तेमाल करने वाला कोई समान।

हाल ही ही में शाहजहांपुर कोर्ट ने डोंगी स्वामी चिन्मयानंद की बेल की अर्ज़ी खारिज कर दी। वही दूसरी और उनपर आरोप लगाने वाली जेल की सलाख़ों के पीछे बंद पीड़िता ने जब जमानत की गुहार लगाई तो उससे भी अदालत ने खारिज कर दिया। पीड़िता के वकील ने ये तक कहा की स्वामी निर्वस्त्रा होकर पीड़िता से मालिश करवाता था और उनके विरोध करने पर उससे मार पीट और ज़बरदस्ती की जाती। वकील का कहना है की जो उनके द्वारा वीडियो लिक की थी उससे भी छेड़छाड़ की गई थी। पीड़िता ने जेल में बंद होने के बाद खुद अदालत में जा कर अपने बात रखने की मांग की तो उसे भी ये कहकर खारिज कर किया गया की स्पेशल टीम इसकी जांच कर रही है। पर दोस्तों ये कैसे जांच है जहाँ ज़ुल्म सहने वाले को की सजा दी जा रही है?

दोस्तों देखिये ज़रा कैसी विडम्बना है इस देश की जहाँ एक तरह एक नारी माँ दुर्गा की जोर – शोर से पूजा चल रही है , वही दूसरी नारी को अपनी आवाज़ उठाने की सजा मिल रही है।  वो जेल की चार दीवारी में कैद है। क्या ऐसे करेंगे हम लड़कियों की रक्षा ? और अगर सम्मान नहीं करते तो देवी की पूजा क्यों की जाती है?

जय माता दी। See You Soon Dosto

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