जलप्रलय से हताश यूपी – बिहार , 148 को गवानी पड़ी अपनी जान।

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तो आ गए आप , कैसे हो ?
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दोस्तों किसी में बिलकुल सही  कहा है की आप किसीके केहर से बच सकते है , पर प्रकृति के केहर से नहीं। और आज कल प्रकृति का कुछ ऐसा ही कहर भारत की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य बिहार पर छाया हुआ है। यहाँ पर  जल देवता इतना नाराज़ है की लोगो का घर – बार तबाह करके उनकी ज़िंदगिया छीनने पर तुले हुए है। अब ये गलती जल देवता की कहे या कुर्सी देवता की , अरे कुर्सी देवता वही जो हर पांच साल बाद वोटो की भीख मांगने आ जाते है। और जीत जाने पर मिस्टर इंडिया की तरह गायब हो जाते है। ना जाने कितने सालो से भारत के कई राज्य बाढ़ की समस्या से परेशान है। पर सरकार के पास अभी तक कोई पुख्ता इंतज़ाम नहीं है। न पानी के बहाव की अच्छी सुविधा और ना ही पीड़ितों को राहत देने के पुख्ते इंतेज़ाम। इसी लापरवाही की वहज सौ से भी ज़्यादा अपनी जान गवा चुके है और जो ज़िंदा है उनके चूहों की तरह सरकार के गंदे और असुविधाजनक शिवरों में रहना पड़ रहा है।

भारत के यूपी और बिहार के कई जिलों को आजकल वर्षा की मार झेलनी पड़ रही है। हज़ारो ज़िंदगिया अस्त – व्यस्त हो गई है और सवा सौ से ज़्यादा लोगो को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। इस मूसलाधार बारिश की वहज से ना सिर्फ उनका घर से निकलना मुश्किल हो गया है , बल्कि कई – कई दिनों तक उनके घर में भूखे प्यासे क़ैद होना पड़ रहा है। सोमवार को एक बार फिर बिहार के कई इलाको में बाढ़ आ गई। पिछले कई दिनों से हो रही लगतार बारिश के वहज से रेस्क्यू टीम को भी लोगो तक पहुंचने में भरी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। अब तक मरने वालो की संख्या बढ़कर 148 पहुंच गई है , जिनमे 120 यूपी और 28 बिहार में है।  बिहार की एक जेल में कमर तक पानी भर जाने पर 900 क़ैदिओ को दूसरी जगह भेजना पड़ा।  बिहार एक लगभग 24 जिले इससे बहुत प्रभावित है।  और अभी भी हालत सुधरने के कोई आसार नज़र नहीं आ रहे है।

दोस्तों बस भगवान से प्रार्थना है की वो इन सभी पीड़ितों को शक्ति और धैर्य दे। इन के परिवार को सुरक्षित रखे और जो मर गए है उनकी आत्मा को शांति दे। अगर आप लोगो भी किसी ऐसे क्षेत्र से है तो अपना ध्यान रखे और ज़्यादा से ज़्यादा लोगो की मदद करे। क्युकी इंसानियत सबसे बड़ी है।

जय माता दी।  जय हिन्द।

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