Time Magzine ने महात्मा गांधी के लिए कही थी ये बात…

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तो आ गए आप , कैसे हो ?
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दोस्तों आप सभी को 150वी गाँधी जयंती की हार्दिक बधाई हो। जब भी बापू शब्द हमारे कानों को छूकर गुजरता है , तो अनजाने में ही एक तस्वीर हमारे दिमाग आ जाती है। तस्वीर एक छोटे कद , ऊँचा  सिर , मुस्कुराता  चेहरे और डंडा थामे अहिंसा के भगवान मोहनदास करमचंद्र गाँधी की। गाँधी जी जिन्हे हम बापू , राष्ट्रपिता और ना जाने कितने नाम से बुलाते है , की पहचान सिर्फ एक है। और वो है उनके आसान और अहिंसक तरीके जिनसे पूरी दुनिया डरती है। उन्होंने ही देश और दुनिया को ख़ामोशी की ताक़त दिखाई थी। वो पहले ऐसे पुरुष थे जिन्होंने इंसान में सबसे पहले इंसान को देखा , इसीलिए तो उन्हें ऊंची या नीची जात का नहीं बल्कि अपने बराबर समझा। तो चलिए जानते है भारत के इस अहिंसा के देवता के बारे में दस Unknow Facts :

1. गाँधी जी यूँ तो कहने वो वकील थे ,और इस बात से कौन इंकार कर सकता है ही वकालत का पेशा टिका ही झूठ और फ़रेब की बुनियाद पर होता है। पर गाँधी जी ने इस पेशे में होते हुए भी। कभी झूठ और फ़रेब का सहारा नहीं लिया। हमेशा सही केसो को लेकर ईमानदारी से लड़े और जीत हासिल की।

2. गाँधी जी को सम्मान देते हुए संयुक्त राष्ट्र ने भी 2 अक्टूबर यानि गाँधी जयंती को “विश्व अहिंसा दिवस “घोषित कर दिया है। यानि की सिर्फ भारत ही नहीं पूरी दुनिया बापू का जन्म दिवस मनाती है।

3. गाँधी जी को सबसे पहले महात्मा को उपाधि देने वाले रवींद्र नाथ टैगोर थे और टैगोर को गाँधी जी ने गुरुदेव की उपाधि दी थी।

4. और क्या आप जानते है ? की अमेरिका की जिस टाइम मैगज़ीन में आने की लिए बड़े – बड़े लोग तरसते है। उसने 1930 में महत्मा गाँधी को “मैन ऑफ़ दा ईयर “का  अवार्ड दिया था।

5. विदेश में पढ़ने ने बावजूद भी कभी बापू ने हवाई जहाज से यात्रा नहीं की और बाद में तो उन्होंने अंग्रेज़ो की बनाई हुई लगभग हर चीज़ का बहिष्कार स्वदेशी आंदोलन चला कर दिया और साथ – साथ दूसरों को भी ऐसा करने की प्रेरणा दी।

6. गाँधी जी की मृत्यु के बाद 10 लाख लोगो ने उनकी शव यात्रा में भाग लिया था और लगभग 15  लाख लोग रस्ते में खड़े होकर बापू की एक आखिरी झलक देखना चाहते थे। दुनिया के इतिहास में शायद ही इतने लोग किसी को श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठे हुए होंगे।

7. और क्या आप ये जानते है की एप्पल कंपनी के सीईओ स्टीव जॉब्स भी बापू को श्रद्धांजलि देने के लिए गोल फ्रेम का उनकी ही तरह चश्मा पहनते थे।

8. आज़ादी के बाद कुछ अंग्रेजी पत्रकार बापू के पास इंटरव्यू के लिए आये , पर वो अंग्रेजी में था , इसलिए बापू ने कहा की “मेरा देश अब आज़ाद हो चुका है और मैं अब हिंदी में ही बात करुँगा। ”

9. महात्मा गाँधी को पांच बार नोबल पुरुस्कार के लिए नामाँकित किया गया था। लेकिन जब आखिर में 1948 में उन्हें पुरुस्कार मिलने  वाला था तो उनकी हत्या नाथू राम गोडसे ने कर दी और ये अवार्ड किसी और को दे दिया गया।

10.  एक बार ट्रेन में यात्रा करते वक़्त बापू का एक जूता बाहर गिर गया था , उन्होंने तुरंत अपना दूसरा जूता भी बाहर फेक दिया। दूसरे यात्री के पूछने पर बापू ने बड़ी विनम्रता ने कहा की “एक जूता मेरे किसी काम का नहीं , पर दोनों गिरे हुए किसी के काम आ जायेंगे।

दोस्तों बहुत आसान  है आज के ज़माने में किसी की जान ले लेना या मारना – पीटना , पर जो सबसे ज़्यदा मुश्किल है वो है एक थप्पड़ खा कर दूसरा गाल गए कर देना ताकि खुद ही सामने वाला शर्मा जाये। बापू के विचार भले ही पुराने हो पर उनमे आज भी ताक़त और सच्चाई है। कभी जानवरो की बस्ती छोड़ कर इंसान बनने का मन हो तो इन्हे अपना कर देखना ज़रूर।

जय माता दी। जय हिन्द।

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